एक बार फिर शर्मसार ,, मामला दबाने की बात कही गई मीडिया को भी घमकी ,, शहर के कुछ बेशर्म नामचीन लोग और कोयले वाले नव धनकुबेर मामले को दबाने के लिए हुए सक्रिय…पीड़िता अभी भी उसी अस्पताल में ऐसे में उसकी सुरक्षा की चिंता,,

श्रीराम केयर अस्पताल में मरीज का यह कैसा केयर.?

अब पुलिस करे पीड़ित लड़की की शिकायत की सटीक जांच और श्रीराम केयर अस्पताल का फुल्ल केयर..?

शहर के कुछ बेशर्म नामचीन लोग और कोयले वाले नव धनकुबेर मामले को दबाने के लिए हुए सक्रिय…

बिलासपुर। डॉ अमित सोनी और डा नताशा सोनी के नेहरू नगर स्थित स्वनामधन्य अस्पताल, “श्रीराम केयर अस्पताल” में इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती इंजीनियरिंग की छात्रा के साथ गैंग रेप की शिकायत ने इस अस्पताल को शक के दायरे में ला खड़ा किया है। इस अस्पताल में भर्ती इंजीनियरिंग छात्रा के पिता ने पुलिस से शिकायत की है कि इस अस्पताल में काम करने वाले 2 वार्ड ब्वाय ने उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया है। सिविल लाइन पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक यह घटना 21 मई की रात की है। 22 मई को सुबह पीड़िता ने अपने पिता से पहले इशारे-इशारे में खुद के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के बारे में बताया। लेकिन उनकी समझ में नहीं आने पर उसने मास्क लगी हुई हालत में ही कागज पेन मांगा और घटना के बारे में पिता को जानकारी दी। इससे मर्माहत बच्ची के पिता ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में ह्रदय विदारक बात यह है कि जिस लड़की के साथ उक्त घटना होने की शिकायत की गई है वह अभी भी वेंटिलेटर में है और पुलिस को उसके वेंटिलेटर से बाहर आने का इंतजार है। ताकि वह उसका बयान ले सके।
पुलिस भी हैरान….!
इस मामले में लड़की के पिता की शिकायत और पीड़िता की हालत देखकर पुलिस के अधिकारी भी हैरान हैं। बीती रात सिविल लाइन के टीआई श्री परिवेश तिवारी से इस बारे में बात होने पर उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पुत्री अभी वेंटिलेटर में है। उन्हें उसके वेंटिलेटर से बाहर आने का इंतजार है..।बावजूद इसके पुलिस ने मामले को काफी गंभीरता से लिया है। शिकायत मिलते ही टीआई सिविल लाइन श्रीराम के अस्पताल पहुंचे और वहां घटना के मामले में शुरुआती जांच प्रारंभ की।
मामले को दबाने की साजिश…
ऐसी चर्चा है कि श्रीराम के अस्पताल में इस घटना को लेकर 2 दिन से खदबर्रो मचा हुआ था। अस्पताल के कर्ताधर्ता डॉक्टर अमित सोनी तथा नताशा सोनी को भी मामले की जानकारी हो चुकी थी। सवाल यह उठता है कि अगर ऐसा है तो उन्होंने पीड़िता के पिता को लेकर खुद सिविल लाइन थाने आकर अपने वार्ड बॉय द्वारा कथित रूप से की गई इस हरकत की शिकायत खुद क्यों दर्ज नहीं कराई…?
मामले को दबाने के लिए सक्रिय होने वाले कौन..?

इस मामले से अस्पताल तथा डॉक्टरों की संभावित बदनामी के कारण कुछ ऐसे लोग भी शुक्रिया हुए जो पूरे मामले को पुलिस जांच के पहले ही फर्जी बताते हुए रफा दफा करने की सलाह देते रहे। वही कोयला व्यापार से जुड़े कुछ ना हो धन कुबेर भी मीडिया हाउस और पत्रकारों से संपर्क कर इस मामले की धार को भोथरा करने के लिए दबाव डाल रहे थे। पुलिस को पीड़िता के पिता की शिकायत के साथ ही इन नव धनकुबेरों की भी जांच करनी चाहिए और यदि मामले में “प्रभाव से दबाव” डालने की बात सामने आती है तो इनके खिलाफ भी कानून की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शहर का चिकित्सा जगत भी हुआ शर्मसार
डॉ अमित सोनी और नताशा सोनी के नामचीन अस्पताल श्रीराम केयर से जुड़ी इस घटना ने शहर के चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों को भी शर्मसार कर दिया है।
पीड़िता अभी भी उसी अस्पताल में ऐसे में उसकी सुरक्षा की चिंता
शहर के इस नामचीन अस्पताल में हुई घटना के बाद भी चूंकी पीड़िता अभी भी उसी अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। और जैसा कि उसके पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है मामले को दबाने के लिए उनकी पुत्री को बार-बार बेहोशी के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इसे देखते हुए अस्पताल में भर्ती पीड़िता की सुरक्षा और उसके उपचार की पूरी निगरानी बेहद जरूरी है।

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