सरकारी अस्पताल से नवजात शिशु चोरी का मामला, प्यासी ममता , समाज के ताने और शादी टूटने का डर, बस फिर क्या था बन गए अपराधी…

रायपुर। अभनपुर शासकीय अस्पताल से नवजात शिशु के अपहरण की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है और बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि ग्राम पलौद की रहने वाली महिला खेम कुमारी धीवर ने शनिवार को एक लड़के को जन्म दिया था जिसके बाद उसके पति देखभाल हेतु अपनी सास को लेने चला गया था। वापस आकर जब देखा तो उसकी पत्नी बिस्तर पर नहीं थी, अस्पताल के वार्ड में बदहवास मिली। जिसने बताया कि कोई अज्ञात महिला गुलाबी रंग की साड़ी पहनी महिला आधे घंटे पहले उनके बच्चे को डॉक्टर को दिखाने ले जा रही हूं कहकर निकली है जिसे ढूंढ रही है।

इस पूरे मामले को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम का गठन किया व अज्ञात महिला आरोपी की तलाश प्रारंभ की जिसके बाद सीसीटीवी कैमरे व तकनीकी विश्लेषण पर अज्ञात महिला की पहचान सुनिश्चित की गई। गिरफ्तार महिला के संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई आरोपी पूजा सिन्हा दुर्ग की रहने वाली है व उसके द्वारा लगातार पुलिस टीम को गुमराह किया जा रहा था कि इस अपराध में कोई संलिप्तता नही हैं परंतु टीम द्वारा सबूतों के साथ कड़ाई से पूछताछ करने पर नवजात शिशु को अस्पताल से अपहरण करने की घटना को स्वीकार किया।
पुलिस ने बताया कि पूजा सिंहा एक तलाकशुदा महिला है व उसने विक्रांत सिन्हा नामक युवक से 2019 में उन्हें विवाह किया था। शारीरिक कठिनाई होने से डॉक्टर द्वारा विवाह के पूर्व यह अवगत करवा दिया गया था कि वह कभी मां नहीं बन सकती। इसी दौरान आरोपी महिला ने अपने भाई परस राम सिन्हा के साथ मिलकर नवजात शिशु को अपहरण करने की योजना बनाई और ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शिशु की तलाश के लिए रैकी कर रही थी।

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