निगम मंडलों में नियुक्ति: राजीव भवन से लेकर रैली में एक ही चर्चा…किसका नाम हुआ फाइनल

रायपुर। राज्य में शानदार कांग्रेस सरकार निष्कंटक 18 महीनों की पारी खेलते हुए पांच वर्ष पूरा करने से पहले, आगे के बचे साढ़े तीन साल को सुरक्षित कर लेना चाहती है। साढ़े 3 साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल गठन के समय सीएम ने वरिष्ठों को निगम मंडलों में स्थान देने का आश्वासन दिया है कि जिसने कांग्रेस के लिए तन-मन-धन से समर्पित भाव से सेवा की उनको प्राथमिकता से निगम मंडलों में जगह दी जाएगी। लेकिन सत्ता और संगठन के पास इतने वरिष्ठ नेताओं के नाम आ गए है, कि अब उसमें दिल्ली से लेकर रायपुर तक राजनीतिक सलाहकारों की सलाह लेकर निगम-मंडलों में नेताओं को पदस्थ एक सप्ताह से रायमशविरा चल रहा है, लेकिन नतीजे तक नहीं पहुंच पाए। जिसकी वजह से फिर मामला अधर में अटक गया है। जिसके कारण सत्ता में भागीदारी की चाह रखने वाले वरिष्ठों की रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। उनका मन न सीएम हाउस में लग रहा है, और न राजीव भवन में, अपने निजी घर में उनका मन तो बिलकुल ही नहीं लग रहा है। क्योंकि सुबह होते ही पड़ोसी चिढ़ाने के लिए नेता जी से पूछ ही लेते है कि कोई नई सूची घोषित हुई क्या नेता जी? अब बेचैनी को कहां चैन मिले, इसी की तलाश में मंत्रियों और बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा करने सुबह से ही नहा-धोकर कलफदार कपड़ा पहनकर घर से निकल जाते है। कहीं तो चैन मिले। केंद्र की भाजपा सरकार के पेट्रोल-डीजल के दाम वृद्धि के खिलाफ आंदोलन करने निकले नेता केंद्र सरकार को कोसने के निगम-मंडलों में किस-किस के नाम होने चर्चा करते देखे। वहीं सीएम हाउस में पत्रकारों के भोज में निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर सुगबुगाहट देखी गई। लेकिन किसी ने भी नहीं पूछा कि कब होगी नियुक्त की घोषणा।

निष्कर्ष जानने आ सकते है पुनिया

पिछले एक सप्ताह से संगठन के मुखिया मोहन मरकाम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने वरिष्ठों रणनीतिकारों से सलाह लेकर नाम फाइनल करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मोहन मरकाम भी नाम फाइनल करने जिलों में जाकर रायमशविरा कर रहे है। साथ ही मरवाही के लिए तैयारी भी कर रहे है। एक साथ दो-दो काम होने से लगता है, निगम मंडलों की फाइनल सूची अटक गई है। खबर है कि अगले सप्ताह फिर से पुनिया राजधानी आकर पीसीसी अध्यक्ष से सूची लेकर सीएम से मंत्रणा कर नाम फाइनल कर सकते है।

वरिष्ठों को पुनिया का इंतजार

आंखों में निगम-मंडल के अध्यक्ष बनने का सपना संजोए बैठे वरिष्ठ नेताओं को पुनिया के आगमन की बेसब्री से इंतजार है। जिनके नाम फाइनल है, उस पर मुख्यमंत्री की मुहर लगनी है, और पुनिया ही मुख्यमंत्री मुहर लगवा सकते है। खबर है कि जो विधायक मंत्री से कम पद पर नहीं मान रहे है, उन्हें संगठन में बड़ा पद दिया जा सकता है। बाकी चारों के नाम तो तय ही माना जा रहा है।

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