शादी की पहली रात को केसर वाला दूध क्यों पिलाती हैं दुल्हनें, जानिये रहस्य

शादी। हर किसी के जीवन में बहुत महत्व रखता है. लोगों की शादी किसी ना किसी उम्र में हो ही जाती है. यह मानव जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को जिस बात का इंतज़ार रहता है उसे सुहाग-रात कहते हैं. सुहाग-रात के दिन दो जिस्म एक हो जाते हैं.
इस दिन को यादगार बनाने के लिए परिवार वाले हर संभव कोशिश करते हैं. जैसे कि नव-जोड़ों का कमरा फूलों से सजा दिया जाता है या दुल्हन को केसर वाला दूध अपने पति को पिलाने के लिए कहा जाता है. ऐसा हमने अक्सर फिल्मों में भी देखा होगा. पर आपको पता है केसर वाला दूध यूं ही नहीं दिया जाता. इसे देने के पीछे भी अनेक कारण होते हैं. केसर दूध सुहाग-रात की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. तो आईये जानें क्या हैं केसर दूध पीने के फ़ायदे.

शादी की पहली रात पर केसर दूध पीने के फ़ायदे –
कहते हैं कि सुहाग-रात वाले दिन केसर दूध पीने से हॉर्मोन लेवल में सुधार आता है. इससे टेस्टोस्टेरॉन और एस्ट्रोजन नामक बनने वाले दो हॉर्मोन के लेवल को बढ़ा देते हैं. हॉर्मोन लेवल बढ़े रहने से दोनों संतुष्ट हो सकेंगे.
दूध को खाली नहीं पीना चाहिए. इसमें अगर केसर या शिलाजीत मिला कर पियेंगे तो यह पुरुष प्रजनन तंत्र के लिए अच्छा माना जाता है. इससे आपकी यौन सक्रियता बढ़ती हैं

कामसूत्र के मुताबिक अगर दूध में सौंफ का ताज़ा रस, शहद, नघपान और चीनी मिलकर पिया जाए तो यह आपके ऊतकों में मजबूती लाता है. इसके सेवन से आपमें प्रम करने की भावना जागृत होती है

केसर दूध से शरीर की इम्युनिटी बेहतर होती है. इसके अलावा यह पाचन क्रिया को भी अच्छा बनाये रखता है. अगर यह दोनों अच्छा रहेगा तो आप रात में अच्छा प्रतिकृया कर पायेंगे.

केसर दूध का सेवन प्रेम के दीपक को जलाने जैसा कार्य करता है. इतना ही नहीं इससे प्रजनन कोशिकाओं को भी पोषण मिलता है.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.