महात्मा गांधी की 151 वीं जयंती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151 वीं जयंती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन वैश्विक और प्रवासी भारतीय अनुसंधानकर्ताओं और शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय मूल के दिग्गजों को एक मंच पर लाना है जो दुनिया भर की अकादमिक और शोध संस्थाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दो से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा,

इस सम्मेलन में 55 देशों के भारतीय मूल के 3,000 से अधिक वैज्ञानिक और शिक्षाविद व 10 हजार से अधिक प्रवासी वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे।

यहां पढ़ें गांधी जी से जुड़े रोचक तथ्य:

– स्कूल में गांधी जी अंग्रेजी में अच्छे विद्यार्थी थे, जबकि गणित में औसत व भूगोल में कमजोर छात्र थे। उनकी हैंडराइटिंग बहुत सुंदर थी।

– महान आविष्कारक अल्बर्ट आइंस्टीन बापू से खासे प्रभावित थे। आइंस्टीन ने कहा था कि लोगों को यकीन नहीं होगा कि कभी ऐसा इंसान भी इस धरती पर आया था।

वह कभी अमेरिका नहीं गए और न ही कभी प्लेन में बैठे।

– उन्हें अपनी फोटो खिचंवाना बिल्कुल पसंद नहीं था।

– जब वकालत करने लगे तो वह अपना पहला केस हार गए थे।

– वह अपने नकली दांत अपनी धोती में बांध कर रखा करते थे। केवल खाना खाते वक्त ही इनको लगाया करते थे।

– उनकी शवयात्रा में करीब दस लाख लोग साथ चल रहे थे और 15 लाख से ज्यादा लोग रास्ते में खड़े हुए थे।

– उन्हें 5 बार नोबल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1948 में पुरस्कार मिलने से पहले ही उनकी हत्या हो गई।

श्रवण कुमार की कहानी और हरिश्चन्द्र के नाटक को देखकर महात्मा गांधी काफी प्रभावित हुए थे।

– राम के नाम से उन्हें इतना प्रेम था की अपने मरने के आखिरी क्षण में भी उनका आखिरी शब्द राम ही था।

– साल 1930 में उन्हें अमेरिका की टाइम मैगजीन ने Man Of the Year से उपाधि से नवाजा था।

– भारत में कुल 53 बड़ी सड़कें महात्मा गांधी के नाम पर हैं। सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी कुल 48 सड़कों के नाम महात्मा गांधी के नाम पर हैं।

– 1934 में भागलपुर में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए उन्होंने अपने ऑटोग्राफ के लिए पांच-पांच रुपये की राशि ली थी।

– यह तो सभी जानते हैं कि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि उन्हें यह उपाधि किसने दी थी? महात्मा गांधी को पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया था। 4 जून 1944 को सिंगापुर रेडिया से एक संदेश प्रसारित करते हुए ‘राष्ट्रपिता’ महात्मा गांधी कहा था।

– कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को महात्मा की उपाधि दी थी।

– क्या आपको इस बात की जानकारी है कि जब 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी तो महात्मा गांधी इस जश्न में नहीं थे। तब वे दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे।

– आजादी की निश्चित तिथि से दो सप्ताह पहले ही गांधीजी ने दिल्ली को छोड़ दिया था। उन्होंने चार दिन कश्मीर में बिताए और उसके बाद ट्रेन से वह कोलकाता की ओर रवाना हो गए, जहां साल भर से चला रहा दंगा खत्म नहीं हुआ था।

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