हृदय रोगी हैं तो घर में इकोस्प्रिन टैबलेट रखें, 7 घंटे की नींद जरूर लें और दांतों की सफाई का ध्यान रखें क्योंकि यहां के बैक्टीरिया हार्ट पर बुरा असर डाल सकते हैं

दिल को सेहतमंद रखने के लिए कई बातों को समझना जरूरी है। पहली बात, अगर आप हृदय रोगी हैं तो क्या करें। दूसरी बात, घर में पेरेंट्स हार्ट डिसीज से जूझ रहे हैं तो क्या करें। और तीसरी बात, अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं तो कैसे इसे होने से रोकें। आज वर्ल्ड हार्ट डे पर जानिए, इन्हीं तीनों बातों के बारे में…

1. परिवार में हार्ट हिस्ट्री रही है तो

माता-पिता 55 की उम्र से पहले हृदय रोग से पीड़ित हो गए हैं, तो सामान्य लोगों की तुलना में आपको हृदय रोग की आशंका 50% अधिक है। इसलिए परिवार की हैल्थ हिस्ट्री की जानकारी जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर और उच्च कोलेस्ट्रॉल दिल के दौरे का खतरा बढ़ाते हैं। इनकी नियमित जांच कराएं। बॉडी मास इंडेक्स 18.5-24.9 के बीच होना चाहिए।

स्मोकिंग व शराब से दूरी, वजन पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम से हार्ट डिसीज की परिवारिक हिस्ट्री के बावजूद दिल की बीमारी का खतरा 45% तक घट जाता है।

शुगर या ब्लडप्रेशर की दवा ले रहे हैं तो कभी अपने डॉक्टर से पूछे बिना उन्हें बंद न करें। जब आप डॉक्टर के पास जाएं तो पूरी तैयारी से जाएं। उन्हें परिवार की हिस्ट्री जरूर बताएं।

2. आप पूरी तरह स्वस्थ हैं तो

दिन की तुलना में शाम के बाद हमारे शरीर के लिए ग्लूकोज को प्रोसेस करना कठिन हो जाता है। इसलिए रात का खाना 7 बजे तक हो जाना चाहिए। इस बार वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन ने ‘द हार्ट हीरो चैलेंज एप’ लॉन्च किया है। यह हार्ट मॉनिटरिंग में मदद करता है।

हार्ट डिसीज की शुरुआत 5 की उम्र में भी हो सकती है। इसलिए बच्चों को ओवर ईटिंग से बचाइए। भारत में यूरोप की तुलना में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना ज्यादा है। हर व्यक्ति 40 की उम्र के बाद सीटी एंजियोग्राम जरूर कराए। यह दस साल पहले बीमारी के बारे में बता सकता है।

दांतों का ध्यान रखिए। दांतों के रोग के बैक्टीरिया सी-रिएक्टिव प्रोटीन बनाते हैं जो, रक्त वाहिकाओं में सूजन का कारण बनते हैं। इससे हृदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है।

3. अगर खुद दिल के मरीज हैं तो

भारत में दिल का दौरा पड़ने के बाद 23% मरीज एक साल के भीतर मर जाते हैं। दिल की बीमारी के मरीजों को हमेशा घर में इकोस्प्रिन टैबलेट रखनी चाहिए। परिवार को भी इसकी जानकारी हो, ताकि आपात स्थिति में वे टैबलेट दे सकें।

दिल के रोगी रोज रात 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लें। कम से कम 45 मिनट एक्सरसाइज करें। फिर भले ही वह सिर्फ वाॅकिंग ही क्यों न हो।

कोरोना व्यक्ति के लंग्स को प्रभावित करता है। लंग्स बॉडी के लिए जरूरी ऑक्सीजन शुद्ध करते हैं। कोरोना में शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा काफी हद तक कम हो सकती है। ऐसे में हृदय को ऑक्सीजन की समान मात्रा पंप करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए घर में ही थोड़ी जंपिंग, रस्सी कूदने जैसे कार्डियो एक्सरसाइज करें।

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