बड़ी खबर : उपचुनाव से पहले जोगी परिवार की जाति को लेकर मचा बवाल, मामला पहुंचा राजभवन, कांग्रेस के आदिवासी विधायकों ने की शिकायत, कलेक्टर ने नोटिस जारी कर 8 अक्टूबर तक माँगा जवाब… 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मरवाही चुनाव से पहले जोगी परिवार की जाति को लेकर एक बार फिर सियासी बवाल मचा हुआ है। अब की बार जाति के मामले में जोगी परिवार की बहू और अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी फंस गई हैं। इस मामले को लेकर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी सक्रिय नज़र आ रही है।
पूर्व विधायक अमित जोगी के बाद उनकी पत्नी ऋचा जोगी के जाति प्रमाणपत्र की जांच के लिए कांग्रेस ने दबाव बनाया है। इस कड़ी में कांग्रेस के आधा दर्जन आदिवासी विधायक बुधवार को राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि दिवंगत पूर्व सीएम अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र को हाईपॉवर कमेटी ने निरस्त कर दिया था। ऐसे में अमित जोगी और उनके परिवार के किसी भी सदस्य अनुसूचित जनजाति वर्ग का नहीं माना जा सकता। विधायकों ने ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र की समुचित जांच की मांग की है।

कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि

जोगी परिवार शुरू से छत्तीसगढ़ की जनता को गलत प्रमाण पत्र और झूठे तथ्यों के आधार पर अपने को आदिवासी बताकर छलावा करते रहे हैं। अब वर्तमान में उनका पुत्र भी उसी राह में अग्रसर है। ऋचा रूपाली साधू जाति ईसाई, जो कि अमित जोगी की पत्नी है और वह एक फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर अपने को आदिवासी बताने और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस विधायकों ने यह भी कहा कि ऋचा जोगी और उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने पढ़ाई के दौरान अपने को आदिवासी वर्ग का नहीं बताया है। परिवार के नाम दर्ज भूमि आदिवासी मद में दर्ज नहीं है। ऋचा रूपाली जोगी के पैतृक परिवार के लोग आदिवासी समाज के लोगों के साथ संव्यवहार नहीं रखते हैं। इससे यह प्रमाणित होता है कि ये आदिवासी समुदाय से संबद्ध नहीं रखते हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया जाने योग्य है।
कांकेर के विधायक शिशुपाल सोरी के साथ पांच विधायक इंदर शाह मंडावी, यूडी मिंज, गुलाब कमरो, मोहित कुमार केरकेट्टा और पुरूषोत्तम कंवर आज शाम राजभवन पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी की जाति प्रमाण पत्र को संदिग्ध बताया और कहा कि मरवाही विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है, लेकिन फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर दिवंगत पूर्व सीएम अजीत जोगी अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षित मरवाही विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे थे। स्व. जोगी के जाति प्रमाण पत्र को हाईपावर कमेटी द्वारा 23 अगस्त 2019 को निरस्त किया गया।

कलेक्टर ने नोटिस जारी कर 8 अक्टूबर तक माँगा जवाब

इन परिस्थितियों में स्व. जोगी के जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण उनके पुत्र अमित जोगी और परिवार के किसी भी सदस्य को अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य नहीं माना जा सकता है। संतकुमार नेताम के आवेदन पर कार्रवाई करते हुए मुंगेली कलेक्टर ने ऋचा जोगी को नोटिस जारी कर कल, 8 अक्टूबर तक जवाब मांगा है।
कहा जा रहा है अमित जोगी के चुनाव लडऩे को लेकर कोई बाधा आने पर ऋचा जोगी को मरवाही से उपचुआव लड़ाने की तैयारी की गई है। इसिलिए ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया गया है।
अब ऋचा जोगी के भी जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे पहले खबर थी कि जकांछ द्वारा पार्टी के स्वाभाविक प्रत्याशी अमित जोगी की जाति मामले में किसी तरह का अड़ंगा डाले जाने की स्थिति में उनकी पत्नी ऋचा जोगी को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार यह प्रमाणपत्र 17 जुलाई 2020 को जरहागांव जिला मुंगेली के तहसीलदार द्वारा जारी किया गया है। जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन 15 जुलाई की शाम 6 बजे जरहागांव तहसीलदार चित्रकांत चाली ठाकुर के दफ्तर में दिया गया।
17 जुलाई को जरहागांव तहसीलदार ने ऋचा रुपाली साधु पिता प्रवीण राज साधु, निवासी पेंड्रीडीह तहसील जरहागांव जिला मुंगेली के नाम से अनुसूचित जनजाति का सर्टिफिकेट जारी किया है।

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