RBI ने किया अलर्ट, अनऑथराइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म या फिर मोबाइल ऐप के जरिए लोन लेने के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं

लॉक डाउन के बाद परेशानी जहाँ बढ़ी वही कुछ लोग पलायन तक करने को मजबूर हो गए ऐसे में भुखमरी जैसे समस्याएं भी आयी इन्ही समस्याओ से जूझने हर कोई मस्सकत कर रहा था, महामारी के वक़्त फेक और फर्जी चीजे भी दोगुनी रफ़्तार से बढ़ी, फेक लोन एप्प नामक ने तो कई मासूम लोगो की जान तक लेली, महामारी के दौरान कुछ एप्प के जरिये लोगो को लोन उपलब्ध कराया गया पर देखते देखते दर्जन भर लोन एप्प बन गए जिन्हे रिजर्व्ड बैंक द्वारा अथॉरिटी ही नहीं मिली

कुछ दिन पहले ही प्रदेश के राजधानी रायपुर में शिकायत आयी थी, की लोन एप्प के रिकवरी एजेंट उन्हें परेशान करते है व उनके निजी डाटा को लेकर भी उन्हें धमकी देते है
जबकि यह किसी भी प्रकार से एक बैंक छेत्र द्वारा या उनके सहकर्मी द्वारा उपेक्छित नहीं रखता।

जिस दिन रायपुर में यह शिकायत आयी उसी दिन हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या की खबर सामने आयी, मामले की पतासाजी पर पुलिस ने बताया की मृत युवक ने लोन एप्प से लोन ले रखे थे व रिकवरी एजेंट के द्वारा मानसिक परेशानी से पीड़ित हो चुका था,इससे पहले तमिलनाडु में भी एक २३ वर्षीया युवती ने दबाव में आत्महत्या कर लिए थे
RBI ने लोगों को आगाह किया है कि अगर आप अनऑथराइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म या फिर मोबाइल ऐप के जरिए लोन लेने के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि आपके डॉक्यूमेंट्स के साथ फर्जीवाड़ा किया जा सकता है.RBI ने कहा है कि लोग ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और मोबाइल ऐप से लोन लेने से बचें जो तुरंत ही आपको बिना पेपरवर्क के फटाफट लोन देने का झांसा देते हैं. इसलिए लोन देने वाली ऐसी कंपनियों के बारे में अगला-पिछला जरूर देखे लें.
ज्यादा ब्याज और छिपे हुए चार्ज होते हैं: RBI
रिजर्व बैंक ने कहा कि ऐसी कंपनियां ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलती हैं, साथ ही इनमें कई तरह के छिपे हुआ चार्ज होते हैं, जो ग्राहकों को शुरू में पता नहीं होते. फोन के जरिए आपके पर्सनल डाटा का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.

रिजर्व बैंक ने लोगों से कहा है कि वो KYC की कॉपी ऐसे अनऑथराइज्ड लोगों या ऐप्स के साथ शेयर कतई न करें. लोग ऐसे फर्जी ऐप्स और प्लेटफॉर्म के बारे में प्रवर्तन एजेंसियों में शिकायत दर्ज कराएं. लोग ये शिकायत ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए सचेत पोर्ट https://sachet.rbi.org.in/ पर जाकर शिकायत कर सकते हैं

लोग उन बैंकों और गैर वित्तीय वित्तीय कंपनियों से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जो आरबीआई के पास रजिस्टर्ड हों. इसके साथ वे इकाइयां, जो कानूनी प्रावधानों के तहत राज्य सरकारों द्वारा नियमित हों, कर्ज देने का काम कर सकती हैं. रिजर्व बैंक ने यह भी अनिवार्य किया कि बैंकों और NBFCs की तरफ से डिजिटल कर्ज देने वाले प्लेटफॉर्म्स का संचालन करने वालों को संबंधित वित्तीय संस्थानों का नाम ग्राहकों के सामने साफ साफ पर रखना होगा. रजिस्टर्ड एनबीएफसी के नाम और पते को आरबीआई की वेबसाइट से मिल जाएगा.

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