इस जिला में सटोरियों की मौज, पुलिस पकड़ने में नाकाम

दंतेवाड़ा। धुर नक्सल इलाका दंतेवाड़ा में पुलिस माओवादियों पर नकेल जरूर कस रही है, लेकिन अवैध जुआ सट्टे के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रही है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि जिलेभर में धड़ल्ले से सट्टा-पट्टी का खेल चल रहा है. सट्टे का कारोबार चरम पर है, लेकिन सटोरियों को पुलिस का तनिक भी खौफ नहीं है.

दंतेवाड़ा शहर के बस स्टैंड, रेलवे क्रासिंग के समीप, आवराभांटा, एसपी कार्यालय के सामने किराना दुकान, ऋषभ इंटरप्राइजेस के पीछे 2 ठिकानों के अलावा परदेशी चौक से सामने रेलवे गली, गीदम नगरी में ढाबे से लेकर पान दुकानों में दिन भर खुलेआम सट्टा पट्टी चल रहा है. जहां दिन भर पर्ची के माध्यम से पैसों का लेन-देन होता है. सट्टे का ना केवल अवैध कारोबार चल रहा, बल्कि नई युवा पीढ़ी भी बर्बाद हो रही है. ऐसा लगता है कि पुलिस के संरक्षण में अवैध कारोबार फल फूल रहा है.

आज के इस दौर में सट्टे से जुड़े लोग मोबाइल और इंटरनेट के मदद कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं. इस तकनीक के माध्यम से रोजाना लाखों रुपए का आदान-प्रदान होता है. ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस गोरखधंधे की खबर नहीं है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. बीते दिनों ख़ानापूर्ति के लिए गीदम पुलिस ने दो सटोरी रमेश यादव और मुकुंद साहू को गिरफ्तार किया था. लेकिन अब कार्रवाई के बाद दोनों खुलकर सट्टा खिला रहे है. सूत्रों की माने तो अब इन्हें पुलिस का संरक्षण प्राप्त है. जिसके चलते ये निर्भीक होकर सट्टा चला रहे है.

जिस तरह से ऑनलाइन सट्टे के कारोबार को अंजाम दिया जाता है, अगर पुलिस चाहे तो एक ही दिन में सभी सटोरियों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें रंगे हाथ पकड़ सकती है. इस संबंध में दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि एसडीओपी को निर्देश देकर सटोरियों को पकड़ा जाएगा. टीम बनाकर जल्द ही सट्टे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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