छत्तीसगढ़ बना अपराधगढ़… अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म- ,,,अमर अग्रवाल,,,

बिलासपुर– राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने बयान जारी कर कहा कि दो सालों में अपराध गढ़ बन कर रह गया है छत्तीसगढ़, कानून व्यवस्था की हालत पूरे राज्य में दिनों दिन खराब होते जा रही है।बढ़ते शहरीकरण की प्रक्रिया में अपराध का बढ़ना अपनी जगह अलग विषय है लेकिन अपराधियों के हौसले बुलंद होना और संगठित अपराध के साथ में असंगठित अपराधों की श्रेणी में आने वाली घटनाओं का छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आम हो जाना ,अत्यंत चिंताजनक है।कांग्रेस द्वारा राजनीति में अपराधियों को संरक्षण देने से गुंडातत्व अपनी करतूतों को अंजाम दे रहे हैं, भू माफियाओं का बोलबाला है, जमीन पर बेजा कब्जा के कारण आए दिन विवाद सामने आ रहे हैं। राजनीति और प्रशासन के संरक्षण में छत्तीसगढ़ में माफिया राज पैर पसार रहा है। कानून व्यवस्था को मेंटेन करने के बजाए पुलिस की भूमिका वीआईपी ड्यूटी और नेता मंत्रियों के बंगले के चक्कर लगाने में ही ज्यादा दिखाई पड़ रही है। प्रशासन और पुलिस का खौफ अपराधी प्रवृत्ति वाले लोगों के मन से निकल चुका है,घटनाओं को अंजाम देने वाले लोग राज्य के पुलिस और प्रशासन को सत्तारूढ़ दल के नेताओं की आड़ में अपनी जेब में लिए घूम रहे हैं इसीलिए चारों तरफ वारदातें बढ़ी है।सड़कों और घर में महिलाएं और बुजुर्ग तक सुरक्षित नहीं है। पिछले दिनों बिलासपुर में देखा जाय तो उसलापुर का गोलीकांड, लाल खदान का हत्याकांड, उज्जवला संरक्षण गृह में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार , नेहरू नगर में बुजुर्ग महिला के साथ हुई लूट, सरेआम पार्षद द्वारा आम नागरिक से मारपीट वायरल वीडियो आदि अनेकों ऐसी घटनाएं हैं जिसमें बिलासपुर की शांति व्यवस्था में प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया हैं। राजधानी के साथ में न्यायधानी में भी ड्रग्स का अवैध धंधा पैर पसार रहा है। युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है।कोल ,वन और खनिज माफियाओं के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से प्राकृतिक संसाधनों का विदोहन किया जा रहा है। युवाओं में शराबखोरी, नशे का चलन सिर पर चढ़कर बोल रहा है और सरकार अपनी बढाई का ढिंढोरा पीटने में लगी है। पुलिस और प्रशासन अपराध नियंत्रण में विफल साबित हो चुके है। जशपुर में स्कूली बच्ची के साथ हुए सामूहिक व्यभिचार ने मानवता को शर्म सार कर दिया है। सरकार के नुमाइंदों में किसी घटनाक्रम के प्रति संवेदनशीलता का कोई मायने नहीं है वे मामलों के पटाक्षेप और जनता को न्याय दिलाने की बजाय बीते वर्षों की बातें करकर मूल मामलों से ध्यान हटाने का प्रयास करते हैं, यह सिद्ध हो चुका है सरकार हताशा में अपनी जवाबदेही को भूल चुकी है और उलजलूल बयान देकर अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाह रही है। भारतीय जनता पार्टी कैडर आधारित लोकतांत्रिक पार्टी है नई प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के मार्गदर्शन में कार्यकर्ता और पार्टी जनों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।कांग्रेस के पास ना तो कोई नेता है ना कोई नीति है,राहुल गांधी को कांग्रेस के लोग ही गंभीरता से नहीं लेते।

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल में कहा किसान आंदोलन की आड़ में विदेशी सेलिब्रिटीज को भारतीय लोकतंत्र की सुंदरता की कोटि का ककहरा पहले जान लेना चाहिए, उसके बाद टिप्पणियों करनी चाहिए, केवल ट्विट करने से लोकतंत्र नही चलता, भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने एव आंतरिक और बाह्य मामलों का हल निकालने के लिए पूरी तरह सक्षम है,विपक्षी दलों को भी देश के अन्नदाताओ के नाम का सहारा लेकर अपने हितों को साधना बंद करना चाहिए ताकि देश संवाद से समाधान की ओर बढ़ सके।

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